Maa-Saraswati-Arti
Aarti Hindu Religious

Maa Saraswati Ji ki Aarti

माँ सरस्वती जी की आरती ( Maa Saraswati Ji ki Aarti )

कज्जल पुरित लोचन भारे, स्तन युग शोभित मुक्त हारे |
वीणा पुस्तक रंजित हस्ते, भगवती भारती देवी नमस्ते॥

जय सरस्वती माता, जय जय हे सरस्वती माता |
दगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

जय सरस्वती माता, जय जय हे सरस्वती माता |
चंद्रवदनि पदमासिनी, घुति मंगलकारी | सोहें शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥

जय सरस्वती माता, जय जय हे सरस्वती माता |
बायेँ कर में वीणा, दायें कर में माला | शीश मुकुट मणी सोहें, गल मोतियन माला ॥

जय सरस्वती माता, जय जय हे सरस्वती माता |
देवी शरण जो आयें, उनका उद्धार किया पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया ॥

जय सरस्वती माता, जय जय हे सरस्वती माता |
विद्या ज्ञान प्रदायिनी, ज्ञान प्रकाश भरो | मोह और अज्ञान तिमिर का जग से नाश करो ॥

जय सरस्वती माता, जय जय हे सरस्वती माता | धुप, दिप फल मेवा माँ स्वीकार करो |
ज्ञानचक्षु दे माता, भव से उद्धार करो ॥

जय सरस्वती माता, जय जय हे सरस्वती माता | माँ सरस्वती जी की आरती जो कोई नर गावें |
हितकारी, सुखकारी ग्यान भक्ती पावें ॥

सरस्वती माता, जय जय हे सरस्वती माता | सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

4 thoughts on “Maa Saraswati Ji ki Aarti”

  1. I savour, result in I discovered just what I
    was having a look for. You have ended my 4 day lengthy hunt!
    God Bless you man. Have a great day. Bye

  2. I am just genuinely glad to glance at this blog posts which contains plenty of valuable
    information, i appreciate you providing such information.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *